
- झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से मासूम की मौत, पोरसा में मचा हड़कंप
पोरसा, मुरैना: पोरसा कस्बे में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहाँ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्ची को मामूली बीमारी थी, लेकिन गलत दवाइयों और इलाज के चलते उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची को समय पर सही इलाज नहीं दिया गया और जब तक उसकी हालत नाजुक हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची की मौत के बाद परिजनों में गुस्सा और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और उनका लाइसेंस रद्द किया जाए।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झोलाछाप डॉक्टर की तलाश जारी है। मृत्यु परिजन के द्वारा बताया गया की श्रद्धा मेडिकल के बगल से एक झोला छाप डॉक्टर रवि जाटव जो धनेटा का रहने वाला है उसने इलाज दिया था जैसे ही बच्चे की मौत हुई वह झोलाछाप डॉक्टर दुकान बंद करके भाग गया लेकिन यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण क्षेत्र का इससे पूर्व में भी ऐसी कई घटना हो गई जिससे लोगों को अपनी जान से खेलना पड़ा लेकिन पुलिस प्रशासन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी आज तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाए जब भी कार्रवाई की गई तो सिर्फ कारवाई सिर्फ कागजों में की गई जिसका नतीजा यह निकला कि आज फिर एक मासूम की जान चली गई गलत इलाज होने के कारण आज श्री राम ओझा नाम का बालक जो उम्र 3 साल थी उसको शाम को 8:00 बजे झोलाछाप डॉक्टर रवि जाटव को दिखाया गया बालक को जिसको गलत इलाज देने के कारण उसकी तत्काल मौत हो गई परिजन उसकी गवर्नमेंट हॉस्पिटल लेकर आए जहां डॉक्टरों ने इसे मृत्यु घोषित कर दिया डॉक्टर ने तुरंत ही उसको जैसे ही खबर लगी कि बच्चा खत्म हो गया तो उसने क्लीनिक बंद करके घर से भाग गया परिजनों द्वारा थाने में आवेदन दियांगया पुलिस प्रशासन उसकी खोजबीन में लगी हुई है स्वास्थ्य विभाग के जिला स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की इतनी लापरवाही क्यों झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है आखिर क्या झोलाछाप डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मिले हुए हैं यह जनता की आवाज है और मासूम बालक की मौत होने के कारण जनता मे अकोष है कि झोला छाप डॉक्टरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है क्या प्रशासन की मिली भगत हे से झोला छाप डॉक्टरों की दुकान खुली हुई हे